सूरत जैसी घटना का रीवा शहर मे इंतजार गगनचुंबी इमारतों मे सुरक्षा व्यवस्था गायब

रीवा@न्यूज़:-प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गुजरात की औद्योगिक राजधानी सूरत में शुक्रवार की दोपहर एक पांच मंजिला इमारत में शॉर्ट सर्किट की वजह से लगी आग के कारण एक हृदय विदारक घटना सामने आई जिसमें करीब 20 मासूम बच्चों की जिंदगी समाप्त हो गई तक्षशिला नाम की इस इमारत में कोचिंग संचालित होती थी और वहां पर सुरक्षा के लिए कोई इंतजाम नहीं किए गए थे जिसके कारण देश को झकझोर देने वाली घटना सामने आ गई। हमारे विकसित हो रहे रीवा शहर में भी महानगरों की तर्ज पर गगनचुंबी इमारतों का जाल फैलता जा रहा है जहां पर आगजनी जैसी घटना होने पर सुरक्षा इंतजाम को लेकर कोई काम नहीं किया जा रहा है ऐसी स्थिति में प्रशासन और रीवा नगर निगम की घोर उदासीनता किसी भी दिन शहर की किसी आलीशान इमारत में सूरत जेसी बड़ी घटना का कारण बन सकता है रीवा शहर में लगातार कई मंजिला की भव्य इमारतों का निर्माण कराया जा रहा है लेकिन निर्माण कराने वाले लोग आपातकाल के दौरान सुरक्षा के आवश्यक इंतजाम को लेकर सरासर अपनी मनमानी करने के आदी हो गए हैं ऐसी दशा में किसी भी दिन रीवा शहर के अंदर भी हृदय विदारक घटना सामने आ सकती है। शहर मुख्यालय के सिरमौर चौराहे पर रमा गोविंद पैलेस नाम की एक चार मंजिला पुरानी इमारत बनी हुई है जहां पर तकरीबन 28 कोचिंग संचालित होती हैं इस इमारत को रीवा शहर का कोचिंग हब कहा जाता है यहां पर शहर के साथ साथ आसपास के ग्रामीण इलाकों से बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं पढ़ाई करने के लिए सुबह से ही पहुंचने लगते हैं आपको जानकर आश्चर्य होगा की कोचिंग हब वाली इस इमारत में यदि आग लग जाए तो छात्रों का बचना नामुमकिन हो जाएगा फायर सिस्टम के नाम पर इस इमारत में किसी तरह के इंतजाम नहीं किए गए हैं यहां पर कहीं बालू भी नजर नहीं आती है लिफ्ट जैसी सुविधा को भी दरकिनार कर दिया गया है ऐसी दशा में यहां पर खुलेआम बड़ी दुर्घटना को आमंत्रण देने का काम किया जा रहा है इस इमारत के प्रथम तल में कई बिजली के मीटर लगे हुए हैं और उसके आसपास मौजूद गंदगी आगजनी जैसी घटना का कारण बन सकती है सूरत में जो घटना सामने आई है वहां पर भी कोचिंग संचालित होती थी और वहां पर भी आगजनी जैसी घटना से निपटने के लिए किसी तरह के सुरक्षा संबंधी इंतजाम नहीं किए गए थे यही स्थिति सिरमौर चौराहे की रमा गोविंद पैलेस कि एक जमाने से बनी हुई है कुल मिलाकर इस पुरानी इमारत में बड़े हादसे को खुला आमंत्रण दिया जा रहा है।
सात से आठ मंजिला इमारत को मंजूरी
रीवा नगर निगम के अधिकारी ऊपरी कमाई करने के लिए लोगों की जिंदगी से खिलवाड़ कर रहे हैं यही वजह है की रीवा शहर में नगर निगम बहुमंजिला इमारतों के निर्माण की अनुमति देने के दौरान सुरक्षा संबंधी शासन के निर्धारित मापदंडों को लेकर किसी तरह की गंभीरता नहीं दिखाता है महज कागजों में सुरक्षा प्रबंधन को अमलीजामा पहनाकर और मोटी राशि कमीशन के रूप में वसूल करने के बाद पैसे वालों को इमारत का निर्माण कराने की अनुमति प्रदान कर दी जाती है यदि मौजूदा समय में रीवा शहर की बहुमंजिला इमारतों की जांच की जाए तो दो चार ही ऐसी होंगी जहां पर सुरक्षा संबंधी आवश्यक इंतजामों को लेकर व्यवस्था नजर आएगी अन्यथा ज्यादातर इमारतों में फायर सेफ्टी लिस्ट सीढ़ी आपातकालीन दरवाजे जैसी व्यवस्थाएं नदारद मिलेंगी। शहर मुख्यालय में कई शैक्षणिक संस्थानों की गगनचुंबी इमारतें हैं आलीशान कांप्लेक्स बने हुए हैं कई होटलों की इमारतें भी आसमान को छू रही है इनमें से अधिकतर बहुमंजिला इमारतों में सुरक्षा इंतजामों के नाम पर लीपापोती की जा रही है जिससे किसी भी दिन कोई बड़ा हादसा सामने आ सकता है और तब रीवा नगर निगम के साथ साथ जिला प्रशासन के अधिकारियों को जवाब देना मुश्किल हो जाएगा।

नगर निगम के पास नहीं है बेहतर फायर ब्रिगेड

रीवा नगर निगम के पास बहुमंजिला इमारतों में आगजनी जैसी घटनाएं सामने आने के बाद उन पर कंट्रोल करने के लिए आधुनिक फायर ब्रिगेड जैसी कोई सुविधा नहीं है आज भी रीवा नगर निगम के पास जो दो फायर ब्रिगेड मौजूद हैं वह बाबा आदम जमाने के हैं जिम के माध्यम से 1 मंजिला इमारत में आग लग जाने के बाद काबू पाने में फायर ब्रिगेड के कर्मचारियों की हालत खराब हो जाती है बड़े हैरत की बात है कि एक तरफ रीवा नगर निगम शहर के अंदर सात से आठ मंजिला इमारतों के निर्माण के लिए अनुमति प्रदान कर देता है वहीं दूसरी तरफ उसके पास ऐसी इमारतों में आग लग जाने के बाद उस पर काबू पाने के लिए एक भी बेहतर और आधुनिक फायर ब्रिगेड मौजूद नहीं है इस दशा से समझा जा सकता है की रीवा नगर निगम आम जनता के जीवन को लेकर कितना गंभीर है रीवा के नेताओं ने आज तक नगर निगम को आधुनिक फायर ब्रिगेड जैसी सुविधा से सुसज्जित करने का प्रयास नहीं किया उन्हें तो सिर्फ अपना और अपने से जुड़े लोगों का फायदा नजर आता है उनकी नजर में आम जनता के जिंदगी की कोई कीमत नहीं है इसलिए रीवा नगर निगम के पास आगजनी पर काबू करने के लिए एक भी आधुनिक और पांच से छह मंजिला तक पहुंचने वाली फायर ब्रिगेड जैसी सुविधा आज तक संभव नहीं हुई है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *